कभी बारिश में भीगे तुमने?
जब बारिश में भीगने की बात आती है
तो मन में यह ख्याल आता है कि—
दोनों बाइक या स्कूटी पर भीगना,
खुले मैदान में सारी परेशानियों को
दूर फेंक कर खुले आसमान के नीचे भीगना।
मगर हमने भीगा एक अलग अंदाज़ में,
मोबाइल को नज़र अंदाज करके भीगा,
भीगे फुलेवाड़ा की समता भूमि में,
खींचे फोटो अपने दादा-दादी
सावित्रीबाई और महात्मा फुले के साथ।
~विष्णु
(अभी बहुत बारिश हो रहा तो याद आया पिछले साल की स्मृतियां पुणे की फुलेवाडा की)