हो सके-2
हो सके-2 हो सके— हम न मिल पाएँ किसी चाय की मेज़ पर, न हँस पाएँ किसी मूवी डेट के बहाने। हो सके— हमारी मोहब्बत किसी भीड़…
हो सके-2 हो सके— हम न मिल पाएँ किसी चाय की मेज़ पर, न हँस पाएँ किसी मूवी डेट के बहाने। हो सके— हमारी मोहब्बत किसी भीड़…
हो सके हो सके— हम न मिल पाएँ किसी चाय की मेज़ पर, न जा पाएँ किसी मूवी डेट पर। हो सके— हम मिलें ज़रूर, पर उस तरह नहीं जै…
जल, जंगल, ज़मीन वे आए और बोले— “हम तुम्हें नौकरी देंगे, तुम्हारी झोपड़ी को महल बना देंगे। तुम्हारे मारंग बुरु और बड़ादेव क…
धूल में उकेरी हुई दुनिया बिबेक गाँव से मुंबई आया था— एक प्रतिष्ठित संस्थान में पढ़ने के लिए। कई लोगों के लिए यह बस एक उपलब्धि…
उगेगा सूरज ज़िंदगी का ये दर्द को थोड़ा सहने देते, वक्त को थोड़ा चलने देते हैं। आख़िर कब तक साथ रहेगा दर्द, ये बुरा वक्त परछाईं…
अतीत को जला देना चाहता हूँ मैं अपने अतीत को जला देना चाहता हूँ, जो हर कदम पर मेरे बढ़ने की राह में दीवार बनकर खड़ा हो जाता है।…
उसकी ख़ामोश मोहब्बत मैं उनसे मोहब्बत करता हूँ, और मोहब्बत के स्वरूप में उन्हें कुछ देना चाहता हूँ। मैंने पूछा— “तुम्हें क्य…