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ଯଦି ମୁଁ ମରିଯାଏ?

ଅଣନିଶ୍ୱାସୀ ହେଉଥିଲି ବ୍ୟବସ୍ଥାର ଅବ୍ୟବସ୍ଥାକୁ ନେଇ, ଇଚ୍ଛା ହେଉଥିଲା ମରିଯିବାକୁ… ହେଲେ ମନେ ପକାଉଥିଲି— ଧୁଳି ଧୁଆଁ ଖାଇ, ଲୁହ ଲହୁ ନିଗାଡି, ଆଖିରେ …

शायद बता नहीं पाएंगे

शायद बता नहीं पाएंगे Madras Talkies, नागोरी, और Red Velvet की मिठास में, कितनी दफा प्रेम हुआ, कितनी बार दिल जुड़ा— शायद बता नही…

मुझे ऐसी स्वातंत्रता नहीं चाहिए…

मुझे ऐसी स्वतंत्रता, आज़ादी, एकता नहीं चाहिए, जहाँ बोलने की आज़ादी ही न हो, जहाँ विचार रखने पर पहरा हो, और सवाल उठाओ तो ख़तरे …

कुछ खयाल

मैंने उन्हें गुलाब देना चाहा, वो मना कर दीं। पता चला, वो खुद एक गुलाब हैं। मैंने उन्हें अपनी पसंद की एक पेन ख़रीदकर दी, वो मना…

ଅତୀତ

ଅତୀତକୁ ଅଣ୍ଡାଳୁଥିଲି  ଗୁଗଲ ଫୋଟୋଜରୁ, ନିର୍ବାକରେ ଧାରେ ଲୁହ ଝରୁଥିଲା  ଅତୀତର କିଛି ସ୍ମୃତିକୁ ରୋମନ୍ଥନ କରୁ କରୁ। ଆଖିରେ ଆଖିଏ ଲୁହ କୋରି ହେଉଥିଲା…

आज़ादी

आज़ादी-आज़ादी बोलते, बस्ती में बच्चे चलते, नेता स्कूल में भाषण देते, गाँव से शहर तक जश्न सजते। पर कहीं दलित खोज रहे थे, रास्ते…

कभी बारिश में भीगे तुमने?

कभी बारिश में भीगे तुमने? जब बारिश में भीगने की बात आती है तो मन में यह ख्याल आता है कि— दोनों बाइक या स्कूटी पर भीगना, खुले म…

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That is All